Free Basics: मिथक और तथ्य

19 नवंबर, 2015 को अपडेट किया गया

मिथक: Facebook के पास Free Basics पर मौजूद साइटों के सभी उपयोग डेटा की एक्सेस होती है

तथ्य: Facebook, उपयोगकर्ता की गोपनीयता और सुरक्षा को बहुत-ही गंभीरता से लेता है. Free Basics, नेविगेशन जानकारी से संबंधित डेटा इसलिए प्राप्त और संग्रहीत करता है – Free Basics द्वारा एक्सेस की जाने वाली तृतीय-पक्ष सेवा का डोमेन या नाम और आपके द्वारा उस सेवा को एक्सेस या उपयोग किए जाते समय उपयोग किए जाने वाले डेटा की मात्रा (उदा., मेगाबाइट) – क्योंकि उसे यह निर्धारण करना होता है कि कौन-से ट्रैफ़िक को बिना किसी डेटा शुल्क के डिलीवर किया जा सकता है. Facebook, सेवा से मिलने वाली किसी भी व्यक्ति नेविगेशन जानकारी को 90 दिनों से अधिक समय तक संग्रहीत नहीं करता है. हम अपने सामग्री साझेदारों से व्यक्तिगत रूप से पहचान करने योग्य कोई भी जानकारी साझा नहीं करते हैं और उन साझेदारों के लिए अपने उपयोगकर्ताओं से संबंधित ऐसी जानकारी Facebook को भेजने की कोई आवश्यकता नहीं है.

मिथक: Facebook और इसके दूरसंचार साझेदार चुनते हैं कि Free Basics पर कौन-सी सेवाएँ हों

तथ्य: जब हमने शुरू में Internet.org रिलीज़ किया था, तो उसमें बहुत-ही सीमित साझेदार थे. तब कुछ वैध शिकायतें थीं. इसलिए हमने उन्हें सुना और प्रोग्राम शुरू किया. Internet.org – जिसे अब Free Basics कहते हैं – मूलभूत तकनीकी आवश्यकताएँ पूरी करने वाले सभी डेवलपर और एप्लिकेशन के लिए खुला है.

मिथक: Free Basics, अनुचित इंटरनेट एक्सेस मॉडल बना रहा है

तथ्य: Free Basics को ऐसे इंटरनेट एक्सेस मॉडल का प्रचार करने के लिए तैयार किया गया है, जो फ़्री और गैर-अनन्य हो. Free Basics प्लेटफ़ॉर्म अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए फ़्री है. यह सामग्री साझेदारों (अर्थात, वे सेवाएँ, जो Free Basics के साथ साझेदारी करती हैं) के लिए भी फ़्री है; Facebook ने सामग्री साझेदारों के लिए Free Basics में शामिल होने के लिए शुल्क देना आवश्यक नहीं किया है. Free Basics के माध्यम से लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले डेटा के लिए न तो Facebook, ऑपरेटर को भुगतान करता है और न ही इसके सामग्री साझेदार ऐसा करते हैं. अंततः, Free Basics किसी भी ऑपरेटर के लिए अनन्य नहीं है और Facebook ऐसे किसी भी ऑपरेटर के साथ काम करने का इच्छुक है, जो फ़्री में मूलभूत सेवाएँ प्रदान करना चाहता है. फ़िलीपींस, मलावी और मंगोलिया में, Facebook एक ही बाज़ार में पहले से एक से अधिक ऑपरेटर के साथ काम कर रहा है.

मिथक: Free Basics, लोगों को संपूर्ण इंटरनेट का उपयोग करने से रोकता है, जिससे उनका Free Basics पर बने रहना संभावित होता है

तथ्य: Facebook में हम अक्सर कहते रहते हैं: डेटा, तर्कों को जीतता है. और इस प्रोग्राम का डेटा दर्शाता है कि यह Free Basics का उपयोग करने वाले लोगों के लिए पूर्ण इंटरनेट के दरवाज़े खोलने का काम करता है. Free Basics का उपयोग करने वाले 50% लोग पहली बार ऑनलाइन आने के 30 दिन के भीतर डेटा के लिए भुगतान कर रहे हैं – और फ़्री मूलभूत सेवाओं के बाहर भी इंटरनेट एक्सेस करते हैं. भारत में, केवल Free Basics को एक्सेस करने वाले लोगों की तुलना में 8 गुणा नए इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने डेटा का भुगतान किया संपूर्ण इंटरनेट को एक्सेस किया. Free Basics, संपूर्ण इंटरनेट का मार्ग प्रदान करता है.

मिथक: जब लोग Free Basics से बाहर निकलते हैं, तो उन्हें पता नहीं चलता है कि वे अब इंटरनेट के लिए भुगतान कर रहे हैं

तथ्य: जब लोग Free Basics से बाहर निकलते हैं, तो उन्हें स्पष्ट रूप से सूचित किया जाता है कि अब उनसे डेटा का शुल्क लिया जाएगा.

मिथक: Free Basics विज्ञापन उन लोगों पर टार्गेट होते हैं, जो पहले से ऑनलाइन हैं और यह उन्हें सेवा प्रदाताओं को बदलने के लिए प्रोत्साहित करने की एक कोशिश है

तथ्य: Free Basics पर विविध जनसांख्यिकी में विज्ञापन प्रदर्शित हो रहे हैं, जिसमें वे ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं, जहाँ ऐसे लोग हैं, जो अभी तक ऑनलाइन नहीं हैं. साथ ही, भारत में दो सिम कार्ड वाले फ़ोन बहुत आम हैं, इसलिए लोग दो सेवा प्रदाताओं का उपयोग करना चुन सकते हैं.

मिथक: Free Basics ऐसा तरीका है, जिससे Facebook इंटरनेट को नियंत्रित करता है

तथ्य: Free Basics का लक्ष्य Facebook के अतिरिक्त सैंकड़ों फ़्री मूलभूत सेवाओं के माध्यम से लोगों का इंटरनेट के महत्व से परिचय कराना है. लोगों को सेवाओं के विस्तृत सेट प्रदर्शित करने वाली सूची प्रदान करना महिलाओं की स्वास्थ्य जानकारी और शिक्षा संबंधी सेवाओं जैसी अन्य ऑनलाइन सेवाओं का महत्व अनुभव करने में लोगों की मदद करने के लिए महत्वपूर्ण है. Free Basics में डेवलपर भागीदारी के लिए मुख्य घटक संपूर्ण इंटरनेट एक्सप्लोर करने को प्रोत्साहित करना है.

मिथक: Facebook अपने दूरसंचार साझेदारों के साथ लाभदायक सौदे कर रहा है

तथ्य: Facebook, डेवलपर या दूरसंचार कंपनियों को कोई भी धनराशि अदा नहीं की जा रही है. Facebook, डेवलपर, दूरसंचार कंपनियों या किसी भी अन्य संगठन से Free Basics में उनकी भागीदारी के लिए कोई धनराशि प्राप्त नहीं कर रहा है और न ही दे रहा है. केवल इस प्रोग्राम का प्रचार करने के लिए ही धनराशि खर्च की जा रही है, ताकि उन लोगों को कनेक्ट होने का तरीका पता चले, जो कनेक्ट नहीं हैं.

मिथक: Free Basics, ऑनबोर्ड कंपनियों और अन्य कंपनियों के बीच उपभोक्ता डेटा मूल्य में अंतर लाकर डेवलपर के लिए अपारदर्शी और असमान रुचियाँ बना रहा है

तथ्य: Free Basics एक एप्लिकेशन और वेबसाइट है, जो लोगों को पहली बार शून्य डेटा शुल्क के साथ इंटरनेट का अनुभव करने का तरीका प्रदान करके वहनीयता और जागरूकता चुनौतियों पर ध्यान दे रहा है. Free Basics प्लेटफ़ॉर्म मूलभूत तकनीकी आवश्यकताएँ पूरी करने वाले सभी डेवलपर और एप्लिकेशन के लिए खुला है. Facebook, Free Basics के अंदर और बाहर, दोनों जगह सेवा लॉन्च करने में कंपनियों की मदद करने के लिए उन्हें टूल का विस्तृत पैकेज प्रदान करता है और डेवलपर से जुड़ने और ऑनलाइन सेवाएँ लॉन्च करने में उनकी मदद करने के लिए दुनिया भर में डेवलपर ईवेंट आयोजित करता है.

मिथक: Internet.org, भारत में इंटरनेट अवसंरचना चुनौतियों पर ध्यान देने में विफल रहा

तथ्य: Internet.org, Facebook की अगुवाई वाली एक ऐसी पहल है, जो दुनिया की उस दो-तिहाई जनसंख्या को कनेक्ट करने के लिए तकनीकी अग्रणियों, गैर-लाभकारियों और स्थानीय समुदायों को एक साथ ला रही है, जिसके पास इंटरनेट एक्सेस नहीं है. इससे लोगों के ऑनलाइन आने के कुछ मुख्य अवरोधों को समाप्त करने में मदद मिलती है – जैसे अवसंरचना, वहनीयता और जागरूकता. Facebook और Internet.org साझेदार साथ मिलकर इन अवरोधों से निजात पाने के लिए तैयार किए गए कई प्रायोगिक प्रोजेक्ट और प्रयोगों पर काम कर रहे हैं:

  • डेटा वहनीयता को बढ़ाना और नए व्यावसायिक मॉडल को सक्षम करना, जिनसे एक्सेस और कनेक्टिविटी के अवरोधों में कमी आएगी. यह Free Basics है.
  • अवसंरचना शोध और विकास प्रोजोक्ट पर ध्यान केंद्रित करके विश्वसनीय नेटवर्क एक्सेस को उन समुदायों तक विस्तृत करना जहाँ कोई कनेक्टिविटी नहीं है या सीमित कनेक्टिविटी है. यह हमारी कनेक्टिविटी लैब है, जो कनेक्टिविटी और नई अवसंचरना के दीर्घावधिक समाधानों का पता लगा रही है, जिनसे एक्सेस के कुछ भौतिक अवरोधों को कम करने में मदद मिल सकती है, जिनमें उपग्रह, लेज़र या स्वचालित आकाशीय सिस्टम शामिल हैं.
  • पुराने डिवाइस और नेटवर्क पर अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रासंगिक स्थानीय भाषा में डिजीटल सामग्री और सेवाओं के निर्माण और वितरण में तेज़ी लाकर प्रासंगिक सामग्री और सेवाओं को विकसित करना. यह Internet.org नवीनता लैब है, जो आमतौर पर विकास बाज़ारों में पाई जाने वाली नेटवर्क स्थितियों को सिम्युलेट करता है, जिससे डेवलपर को विभिन्न क्षेत्रों में नए ग्राहकों के लिए अपने एप्लिकेशन का परीक्षण करने और ऑप्टिमाइज़ करने के लिए परिवेश मिलता है.
  • हमने हाल ही में एक्सप्रेस WiFi की घोषणा भी की है, जिस प्रोग्राम का हम भारत में परीक्षण कर रहे हैं, जिससे ग्राहक स्थानीय हॉटस्पॉट के माध्यम से इंटरनेट एक्सेस करने के लिए तेज़, विश्वसनीय और वहनीय डेटा पैकेज खरीद सकते हैं.

मिथक: Free Basics, खुला, सार्वजनिक और सार्वलौकिक नहीं है

तथ्य: Free Basics मूलभूत तकनीकी आवश्यकताएँ पूरी करने वाले सभी डेवलपर और एप्लिकेशन के लिए खुला है. अगर सेवाएँ दो मानदंडों को पूरी करती हैं, तो वे Free Basics के साथ संगत हैं: (1) वे डेटा-सक्षम हैं (उदा.,, VoIP, वीडियो, फ़ाइल ट्रांसफ़र या 200 KB से अधिक बड़ी फ़ोटो का उपयोग करने वाली सेवाएँ संगत नहीं हैं) और (2) वे तकनीकी दिशानिर्देशों में बताई गई तकनीकी विशिष्टताओं को पूरा करती हों. Free Basics को ऐसे इंटरनेट एक्सेस मॉडल का प्रचार करने के लिए तैयार किया गया है, जो फ़्री और गैर-अनन्य हो. Free Basics प्लेटफ़ॉर्म अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए फ़्री है. यह सामग्री साझेदारों के लिए भी फ़्री है; Facebook ने सामग्री साझेदारों के लिए Free Basics में शामिल होने के लिए शुल्क देना आवश्यक नहीं किया है. Free Basics के माध्यम से लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले डेटा के लिए न तो Facebook, ऑपरेटर को भुगतान करता है और न ही इसके सामग्री साझेदार ऐसा करते हैं. अंततः, Free Basics किसी भी ऑपरेटर के लिए अनन्य नहीं है और Facebook ऐसे किसी भी ऑपरेटर के साथ काम करने का इच्छुक है, जो फ़्री में मूलभूत सेवाएँ प्रदान करना चाहता है. फ़िलीपींस, मलावी और मंगोलिया में, Facebook एक ही बाज़ार में पहले से एक से अधिक ऑपरेटर के साथ काम कर रहा है.

मिथक: Free Basics, लोगों को इंटरनेट का विकृत रूप प्रदान कर रहा है और Facebook को इसकी बजाय संपूर्ण इंटरनेट के लिए डेटा मूल्य पर छूट देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए

तथ्य: दुनिया के उस दो-तिहाई हिस्से की कनेक्ट होने में उसकी मदद करने के लिए, जिसके पास इंटरनेट एक्सेस नहीं है, हम धारणीय व्यावसायिक मॉडल बनाने में ऑपरेटर की मदद करके प्रयोग कर रहे हैं. नेटवर्क अवसंरचना बनाना, उसका रखरखाव और संचालन करना महंगा होता है और हम इस निवेश को बनाए रखने और बढ़ाने में उनकी मदद करना चाहते हैं. डेटा के मूल्य में छूट देना जोख़िमपूर्ण हो सकता है और इससे बाज़ार सामान्य विकृत होते हैं, जो अंततः अनेक स्तरों के उपयोगकर्ताओं के लिए बुरा होता है. हमारा लक्ष्य ऐसा मॉडल बनाना है, जो संपन्न डेवलपर समुदायों और स्थानीय सामग्री की भरमार के साथ विविध, गतिशील इंटरनेट बाज़ारों का समर्थन करता हो, ताकि लोगों के पास सामग्री और सेवाओं की विशाल श्रेणी का उपयोग करने का अवसर हो. Free Basics प्लेटफ़ॉर्म डेवलपर को अपनी सेवाएँ Free Basics में शामिल करने का अवसर मिलता है और जो लोगों को उन सेवाओं के कई विकल्प प्रदान करता है, जिनका वे उपयोग करना चाहते हैं.

मिथक: अगर Google या Twitter अपना उपयोगकर्ता डेटा साझा करने से इंकार करते हैं, तो वे Free Basics का हिस्सा नहीं बन सकते

तथ्य: Free Basics मूलभूत तकनीकी आवश्यकताएँ पूरी करने वाले सभी एप्लिकेशन के लिए खुला है. Google खोज, Bing और Ask.com, ऐसे कुछ देशों में उपलब्ध है, जहाँ हमने Free Basic सेवाएँ लॉन्च की हैं. ज़ाम्बिया लॉन्च पर साझेदारी करने के बाद से, हमने Google के साथ इस बारे में चर्चाओं में शामिल रहे हैं कि Free Basics में फ़्री खोज अनुभव को कैसे सर्वश्रेष्ठ बनाया जाए. हम इस प्रोग्राम को दोहराना जारी रखेंगे और Free Basics प्लेटफ़ॉर्म के लॉन्च के साथ कोई भी सेवा तब तक एप्लिकेशन में शामिल रहने के योग्य होती है, जब तक वह तकनीकी मानदंड के साथ संगत होती है.

मिथक: Free Basics, नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है

तथ्य: Facebook, नेट न्यूट्रैलिटी का समर्थन करता है और इसने यह सुनिश्चित करने के लिए कि सेवाओं को ब्लॉक न किया जा सके या रोका न जा सके और यह सुनिश्चित करने के लिए कि फ़ास्ट लेन निषिद्ध हैं, पूरी दुनिया में काम किया है. नेट न्यूट्रैलिटी यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती है कि नेटवर्क ऑपरेटर उन सेवाओं की एक्सेस को सीमित न करें, जिनका लोग उपयोग करना चाहते हैं और Free Basics का लक्ष्य अधिक लोगों को एक्सेस प्रदान करना है. यह उपभोक्ता विकल्प और उपभोक्ता के महत्व के लिए अच्छा है. नेट न्यूट्रैलिटी और Free Basicsसमकालिक हो सकते हैं और होने चाहिए.

मिथक: Facebook ने विकासशील देशों में अपनी प्रगति और आय के अवसरों में वृद्धि करने में मदद करने के लिए Free Basics लॉन्च किया है

तथ्य: Free Basics पर Facebook अनुभव में कोई विज्ञापन नहीं हैं. अगर Facebook का लक्ष्य आय होता, तो उसने ऐसे बाज़ारों के संसाधनों पर ध्यान केंद्रित किया होता, जहाँ ऑनलाइन विज्ञापन पहले से संपन्न हैं.

मिथक: Free Basics, स्थानीय नवीनता के लिए ख़तरा

तथ्य: स्थानीय नवीनता के लिए लोगों को ऑफ़लाइन छोड़ने से अधिक बड़ा कोई ख़तरा नहीं है. Free Basics, सेवाओं के लिए संभावित ऑडियंस में वृद्धि करता है और संपूर्ण इंटरनेट का उपयोग करते हुए अधिक लोगों को तेज़ी से ऑनलाइन लाने में मदद करता है. Facebook, Free Basics के अंदर और बाहर, दोनों जगह सेवा लॉन्च करने में संगठनों की मदद करने के लिए उन्हें टूल का विस्तृत पैकेज प्रदान करता है और डेवलपर से जुड़ने और ऑनलाइन सेवाएँ लॉन्च करने में उनकी मदद करने के लिए दुनिया भर में ईवेंट आयोजित करता है.

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